महिला की रोजी-रोटी पर संकट! मोमोस ठेले की जगह पर कब्जे का आरोप
बिलासपुर। रोजगार के सीमित अवसरों के बीच एक महिला पिछले करीब डेढ़ साल से मोमोस का ठेला लगाकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही है। लेकिन अब आरोप है कि उसकी इसी रोजी-रोटी पर दबंगई के जरिए कब्जा करने की कोशिश की जा रही है।मामला सीएमडी कॉलेज के पास का है, जहां देवरीखुर्द निवासी अंकिता लंबे समय से मोमोस का ठेला लगाती है। अंकिता का आरोप है कि प्रतिस्पर्धा के चलते कुछ लोग उसे लगातार परेशान कर रहे हैं और महिला होने का फायदा उठाकर धमकाते हुए वहां से हटाने का प्रयास किया जा रहा है।अंकिता के मुताबिक, क्षेत्र में कई फास्ट फूड कार्ट संचालित हैं। हाल ही में नगर निगम की कार्रवाई के दौरान ठेले जब्त किए गए थे। इसके बाद ठेला संचालकों ने निगम से आग्रह किया कि इन्हीं ठेलों से उनके परिवारों का गुजारा चलता है। अंकिता का कहना है कि इसके बाद नियमों का पालन करते हुए दोबारा ठेला लगाने की अनुमति दी गई।
एक की जगह तीन ठेले लगाने का आरोप
अंकिता का आरोप है कि इसी बीच उसके पड़ोस में अकबर-बीरबल मोमोस के नाम से ठेला लगाने वाले व्यक्ति ने एक की जगह तीन ठेले खड़े कर दिए और उसकी पुरानी जगह पर भी कब्जा कर लिया।अंकिता का कहना है कि जिस स्थान पर वह लंबे समय से अपना ठेला लगाती थी, वहां अब एक भारी लोहे का ठेला लाकर उसमें ताला लगा दिया गया है। उसके मुताबिक यह ठेला 9 तारीख से वहां खड़ा है, लेकिन उस पर कोई कारोबार नहीं किया जा रहा।महिला का दावा है कि संबंधित जमीन सरकारी और नगर निगम के अधिकार क्षेत्र में आती है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर किसके आदेश या अनुमति से किसी दूसरे व्यक्ति ने उस जगह पर अपना ठेला खड़ा कर दिया?
जगह किराए पर देने और बेचने के भी आरोप
अंकिता ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि सरकारी जमीन पर ठेले लगाने की जगहों को कथित तौर पर किराए पर देने और एक-दूसरे को बेचने जैसी गतिविधियां भी हो रही हैं।हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पूरे मामले में नगर निगम की भूमिका और जमीन के वास्तविक अधिकार को लेकर आधिकारिक स्थिति सामने आना बाकी है।
जगह छीनी तो सड़क किनारे ठेला लगाने को मजबूर
अपनी पुरानी जगह नहीं मिलने के कारण अंकिता अब सड़क किनारे मोमोस का ठेला लगाने को मजबूर है। इससे एक तरफ यातायात प्रभावित होने की आशंका है, तो दूसरी तरफ उसे नगर निगम की कार्रवाई का डर भी सता रहा है।यानी सवाल सिर्फ एक ठेले की जगह का नहीं, बल्कि उस महिला की रोजी-रोटी का भी है, जो मेहनत करके अपने परिवार का पेट पाल रही है।
गाली-गलौज और धमकी के गंभीर आरोप
अंकिता ने पड़ोस में ठेला लगाने वाले नवाज खान, काजू और सप्पू खान पर गाली-गलौज और धमकी देने के आरोप लगाए हैं।महिला का आरोप है कि उसे ठेला पलटने, सामान बिखेरने, ठेले में आग लगाने और यहां तक कि जान से मारने की धमकी दी गई।अंकिता का कहना है कि इस संबंध में उसने तारबाहर थाने में शिकायत भी की है। उसका आरोप है कि शिकायत के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से आरोपियों के हौसले बढ़े हुए हैं।
अब प्रशासन से इंसाफ की उम्मीद
फिलहाल पूरा मामला आरोप-प्रत्यारोप के बीच है। ऐसे में जरूरी है कि नगर निगम मौके की जांच कर यह स्पष्ट करे कि संबंधित जमीन किसके अधिकार क्षेत्र में है और वहां ठेला लगाने की अनुमति किस आधार पर दी गई।वहीं, धमकी और गाली-गलौज की शिकायतों पर पुलिस को भी निष्पक्ष जांच करनी चाहिए।क्योंकि सवाल सिर्फ एक मोमोस के ठेले का नहीं, सवाल उस महिला की मेहनत और उसके परिवार की रोजी-रोटी
का है।क्या सरकारी जमीन पर कोई व्यक्ति अपनी मर्जी से किसी दूसरे गरीब ठेला संचालक की जगह पर कब्जा कर सकता है?और अगर ऐसा नहीं है, तो फिर अंकिता की पुरानी जगह पर खड़ा यह लोहे का ठेला आखिर किसकी अनुमति से वहां पहुंचा?
इन सवालों का जवाब अब नगर निगम और पुलिस प्रशासन को देना होगा!!






