हाईवे पर गोवंश की सुरक्षा को लेकर प्रशासन से मांग, 24 घंटे रेस्क्यू हेल्पलाइन शुरू करने की उठी आवाज
बिलासपुर। जिले के राष्ट्रीय राजमार्गों, हाईवे और प्रमुख मार्गों पर सड़क हादसों में गोवंश के घायल होने और मौत की घटनाओं को लेकर प्रशासन से ठोस कदम उठाने की मांग की गई है। इस संबंध में जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर गोवंश की सुरक्षा के साथ-साथ सड़क हादसों को रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था लागू करने की मांग रखी गई।ज्ञापन में कहा गया है कि तेज रफ्तार, ओवरलोड और नशे की हालत में वाहन चलाने वाले चालकों की लापरवाही के कारण सड़क पर घूम रहे गोवंश कई बार दुर्घटनाओं का शिकार हो जाते हैं। हादसे के बाद घायल या मृत गोवंश के सड़क पर पड़े रहने से दूसरे वाहन चालकों के लिए भी दुर्घटना का खतरा बना रहता है। रात के समय यह समस्या और गंभीर हो जाती है।गो रक्षकों ने मांग की है कि राष्ट्रीय राजमार्गों और प्रमुख सड़कों से गोवंश को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए स्थायी रेस्क्यू व्यवस्था बनाई जाए। साथ ही 24 घंटे रेस्क्यू हेल्पलाइन, एंबुलेंस या
रेस्क्यू वाहन, पशु चिकित्सक और प्रशिक्षित कर्मचारियों की व्यवस्था की जाए, ताकि सूचना मिलते ही घायल गोवंश का तत्काल उपचार और रेस्क्यू किया जा सके।इसके अलावा गौशालाओं और गौठानों में पर्याप्त चारा, स्वच्छ पानी, साफ-सफाई, चिकित्सा सुविधा और सुरक्षित आश्रय की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग भी की गई है। दुर्घटना संभावित स्थानों पर गति नियंत्रण, चेतावनी संकेतक और यातायात व्यवस्था मजबूत करने की बात भी ज्ञापन में रखी गई।गो रक्षकों का कहना है कि गोवंश की सुरक्षा के साथ यह मामला सड़क सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है। हाईवे पर समय रहते रेस्क्यू और सुरक्षा की व्यवस्था होने से गोवंश के साथ-साथ वाहन चालकों को होने वाले हादसों को भी रोका जा सकता है।





