गिलहरी की तरह छोटा योगदान भी समाज के लिए बड़ा : हरदीप सलूजा‘हमर पहुना’ में जीवन, संघर्ष और समाजसेवा के अनुभव किए साझा, तीन माह में 29 सेवा गतिविधियां
बिलासपुर। सेवा का मतलब हमेशा बड़ा काम करना नहीं, बल्कि अपनी क्षमता के अनुसार किसी जरूरतमंद के जीवन में छोटा सा बदलाव लाना भी समाजसेवा है। रामसेतु निर्माण में गिलहरी के योगदान की तरह हर व्यक्ति अपनी सामर्थ्य के अनुसार समाज के लिए योगदान दे सकता है। यह बात लायंस क्लब बिलासपुर के अध्यक्ष हरदीप सिंह सलूजा ने बिलासपुर प्रेस क्लब के पारंपरिक कार्यक्रम ‘हमर पहुना’ में कही।कार्यक्रम के दौरान हरदीप सलूजा ने पत्रकारों के साथ अपने बचपन, पारिवारिक पृष्ठभूमि, व्यवसाय और समाजसेवा से जुड़े अनुभव साझा किए। प्रेस क्लब की ओर से अतिथि का पुष्पगुच्छ, सफेद वस्त्र और प्रतीक चिन्ह भेंटकर स्वागत किया गया।
62 वर्षों से सेवा में लायंस क्लब
हरदीप सलूजा ने बताया कि लायंस क्लब बिलासपुर की स्थापना 20 दिसंबर 1964 को हुई थी। संस्था छह दशक से अधिक समय से स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण और जरूरतमंदों की सहायता के क्षेत्र में काम कर रही है। वर्तमान सत्र में अब तक 29 सेवा गतिविधियां आयोजित की जा चुकी हैं।इन गतिविधियों में स्वास्थ्य जांच शिविर, चिकित्सकों और सीए का सम्मान, पौधरोपण, जनजागरूकता अभियान तथा
जरूरतमंदों को आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराना शामिल है। सेवा सप्ताह के दौरान जिला अस्पताल में फल वितरण, मातृछाया में राशन व जरूरी सामग्री, आंगनबाड़ी बच्चों को भोजन, मूक-बधिर बच्चों को टिफिन और पानी की बोतल, ज्येष्ठ नागरिक संघ को खेल सामग्री, जरूरतमंद बस्तियों में राशन और वृद्धाश्रम में कपड़े वितरित किए गए।
गनियारी अस्पताल में तीन मेडिकल बेड, व्हीलचेयर, राशन, फल और कपड़े उपलब्ध कराए गए।
श्मशान के बीच स्कूल देखकर हुए विचलित
सेवा कार्यों के दौरान मिले अनुभव साझा करते हुए सलूजा ने बताया कि एक गांव में श्मशान घाट के बीच स्कूल संचालित होते देख वे काफी विचलित हुए। छोटे बच्चों के सामने अंतिम संस्कार की प्रक्रिया और सुरक्षा से जुड़ी स्थिति को देखते हुए उन्होंने स्कूल के लिए बाउंड्रीवाल की आवश्यकता संबंधित स्तर पर रखने की बात कही।मूक-बधिर बच्चों और मातृछाया में सेवा के अनुभवों को भी उन्होंने भावुक कर देने वाला बताया। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद तक सहायता पहुंचने के बाद उसके चेहरे पर दिखाई देने वाली संतुष्टि ही समाजसेवा के लिए सबसे बड़ी प्रेरणा है।
2008 में बिलासपुर आए, शुरू किया होटल व्यवसाय
अपने जीवन के बारे में बताते हुए हरदीप सलूजा ने कहा कि उनका जन्म मुंगेली के आगे ग्राम कुंडा में हुआ। उनका परिवार व्यवसाय के साथ पत्रकारिता और सामाजिक गतिविधियों से भी जुड़ा रहा है। उनके चाचा लंबे समय तक पत्रकारिता से जुड़े रहे। वर्ष 2008 में वे बिलासपुर आए और होटल व्यवसाय शुरू किया।उन्होंने बताया कि व्यवसाय की व्यस्तता के बावजूद समाजसेवा के लिए समय निकालने का प्रयास करते हैं। ग्राम कुंडा में प्रारंभिक शिक्षा के बाद उन्होंने सीएमडी कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई की। वर्ष 1995 में उनका विवाह हुआ और उनके दो बच्चे हैं। सादगी को अपने जीवन का हिस्सा बताते हुए उन्होंने सामान्य भोजन पसंद करने और शाकाहारी होने की बात भी साझा की।
स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यावरण पर रहेगा फोकस
सलूजा ने कहा कि आने वाले समय में लायंस क्लब स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तीकरण और मानवसेवा के क्षेत्र में सेवा गतिविधियों को और व्यापक करेगा। उन्होंने सेवा कार्यों को समाज तक पहुंचाने में मीडिया की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया और पत्रकारों तथा क्लब के सहयोगियों के प्रति आभार जताया।कार्यक्रम में प्रेस क्लब अध्यक्ष अजीत मिश्रा, उपाध्यक्ष विजयकांति तिवारी, सह सचिव
हरिकिशन गंगवानी सहित प्रेस क्लब के पदाधिकारी, लायंस क्लब बिलासपुर के सचिव मनीष चंदेल, कोषाध्यक्ष सीए रौनक अग्रवाल, संचालक श्रीकांत सहारे, डॉ. अरुण शुक्ला, मोहन होनप, डॉ. राजेश दुबे, सागरी जी सहित बड़ी संख्या में सदस्य और वरिष्ठ पत्रकार उपस्थित रहे।




