राजेंद्र नगर की राशन दुकान वर्षों से दूसरे स्थान पर, उपभोक्ताओं की बढ़ी परेशानीमैग्नेटो मॉल के पास संचालित हो रही दुकान को मूल क्षेत्र में लाने की मांग, खाद्य विभाग ने दिया जल्द कार्रवाई का भरोसा
बिलासपुर। राजेंद्र नगर क्षेत्र के राशन कार्डधारकों को हर महीने राशन लेने के लिए अपने क्षेत्र से दूर जाना पड़ रहा है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राजेंद्र नगर के लिए निर्धारित खाद्य सुरक्षा दुकान आईडी 401001133 पिछले कई वर्षों से अपने मूल क्षेत्र के बजाय रामा मैग्नेटो मॉल के पास संचालित हो रही है। इसके चलते स्थानीय उपभोक्ताओं को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।
बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी
स्थानीय उपभोक्ताओं का कहना है कि राशन दुकान यदि राजेंद्र नगर क्षेत्र में ही संचालित हो तो लोगों को काफी सुविधा मिलेगी। वर्तमान में दुकान दूर होने के कारण खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के साथ राशन लेने जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। राशन का सामान लेकर वापस घर तक पहुंचना भी कई लोगों के लिए मुश्किल हो जाता है।
कई वर्षों से नहीं बदली व्यवस्था
स्थानीय लोगों के मुताबिक राशन दुकान का स्थान लंबे समय से बदला हुआ है। हर महीने राशन लेने के लिए उपभोक्ताओं को मैग्नेटो मॉल के आसपास स्थित दुकान तक पहुंचना पड़ता है। लोगों का कहना है कि
जब दुकान राजेंद्र नगर क्षेत्र के उपभोक्ताओं के लिए निर्धारित है, तो इसका संचालन भी इसी क्षेत्र में होना चाहिए।
खाद्य विभाग ने दिया जल्द कार्रवाई का भरोसा
मामले को लेकर खाद्य विभाग की ओर से बताया गया है कि दुकान को वापस राजेंद्र नगर क्षेत्र में लाने का प्रयास किया जा रहा है। विभाग ने उपभोक्ताओं की परेशानी को ध्यान में रखते हुए दुकान के संचालन स्थल को मूल क्षेत्र में लाने की प्रक्रिया पर काम करने की बात कही है।हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि समस्या कई वर्षों से चली आ रही है। ऐसे में अब आश्वासन के बजाय जल्द से जल्द दुकान को राजेंद्र नगर में संचालित किए जाने की जरूरत है।
अब कार्रवाई का इंतजार
राशन कार्डधारकों को उम्मीद है कि विभाग जल्द ही दुकान को उसके मूल क्षेत्र में वापस लाएगा। इससे हर महीने राशन लेने के लिए दूर जाने की मजबूरी खत्म होगी और क्षेत्र के उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी।अब सवाल यही है कि वर्षों से चली आ रही इस समस्या का समाधान कब तक होता है और राजेंद्र नगर के लोगों को उनकी राशन दुकान आखिर कब वापस मिलती है।



