सीजी रास गरबा में दिखेगा छत्तीसगढ़ी संस्कृति का रंग, 11-12 अक्टूबर को होगा भव्य आयोजन
बिलासपुर में नवरात्रि के साथ गरबा का रंग जमने जा रहा है। 11 और 12 अक्टूबर को अशोक नगर रोड, बिरकोना बायपास स्थित राज कंस्ट्रक्शन के सामने सीजी रास गरबा का भव्य आयोजन किया जाएगा। आयोजन लगातार चौथे वर्ष हो रहा है और इस बार करीब चार एकड़ के बड़े परिसर में कार्यक्रम की तैयारी की गई है।आयोजकों के मुताबिक परिसर में करीब 20 हजार लोगों की क्षमता है और इसी के अनुरूप पास जारी किए जाएंगे। आयोजन को लेकर प्रेसवार्ता में आयोजक राहुल साहू ने बताया कि पिछले वर्षों में पार्किंग को लेकर हुई परेशानियों को देखते हुए इस बार कार और दोपहिया वाहनों के लिए अलग-अलग पार्किंग की व्यवस्था की गई है।
पहले दिन अंकिता सोन, दूसरे दिन पूजा गौर रहेंगी खास आकर्षण
सीजी रास गरबा में दोनों दिन सेलिब्रिटी गेस्ट भी शामिल होंगे। 11 अक्टूबर को मिस फेमिना इंडिया छत्तीसगढ़ अंकिता सोन विशेष अतिथि के रूप में शामिल होंगी, जबकि 12 अक्टूबर को टीवी सीरियल ‘मन की आवाज प्रतिज्ञा’ से पहचान बनाने वाली अभिनेत्री पूजा गौर गरबा में शामिल होंगी।
गरबा के साथ छत्तीसगढ़ी संस्कृति को बढ़ावा
आयोजक राहुल साहू ने बताया कि सीजी रास गरबा का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति, पारंपरिक वेशभूषा और स्थानीय पहचान को बढ़ावा देना भी है। लोगों को छत्तीसगढ़ी पारंपरिक परिधान में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। लाइव बैंड के साथ गरबा होगा और भक्ति व गरबा गीतों को प्राथमिकता दी जाएगी।
सुरक्षा के लिए 150 वॉलंटियर्स, मेडिकल टीम भी रहेगी मौजूद
बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए करीब 150 वॉलंटियर्स तैनात रहेंगे। आयोजन स्थल पर पांच प्रवेश गेट बनाए जाएंगे। महिलाओं की सहायता के लिए हेल्पलाइन की व्यवस्था रहेगी, जबकि आपात स्थिति से निपटने के लिए मेडिकल टीम और एंबुलेंस भी मौके पर मौजूद रहेगी।
ग्रुप, फैमिली और कपल पास की व्यवस्था
सीजी रास गरबा के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से पास उपलब्ध होंगे। ग्रुप, फैमिली और कपल पास की व्यवस्था की गई है। आयोजकों के मुताबिक परिसर की क्षमता को ध्यान में रखते हुए ही पास जारी किए जाएंगे।प्रेसवार्ता में अभिलाष पांडे और स्नेहा थवाइत भी मौजूद रहे। आयोजकों ने शहरवासियों से परिवार सहित सीजी रास गरबा में शामिल होकर गरबा के साथ छत्तीसगढ़ी संस्कृति के रंग का आनंद लेने की अपील की है।



