शुद्धि नशा मुक्ति केंद्र पर गंभीर आरोप, यूनिटी हॉस्पिटल में बिना बताए भर्ती कराने का दावा परिजन पहुंचे सिविल लाइन थाना, इलाज के नाम पर करीब 4 लाख रुपये खर्च होने का आरोप
बिलासपुर। शहर के मंगला स्थित शुद्धि नशा मुक्ति केंद्र को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। नशे की लत से परेशान एक युवक को परिजनों ने कुछ दिन पहले उपचार के लिए नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया था। अब परिजनों का आरोप है कि उनकी जानकारी के बिना मरीज को यूनिटी हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया।परिजनों के मुताबिक, उन्हें बाद में जानकारी मिली कि मरीज का अस्पताल में इलाज चल रहा है और इलाज के नाम पर करीब चार लाख रुपये का खर्च बताया गया है। परिजनों का कहना है कि वे अपनी क्षमता के अनुसार करीब दो लाख रुपये का भुगतान कर चुके हैं, लेकिन अब आगे की राशि देने में वे असमर्थ हैं।मामले में परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि भुगतान को लेकर मरीज को अस्पताल में ही रोककर रखा गया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी नहीं हुई है।
इसी मामले को लेकर परिजन सिविल लाइन थाने पहुंचे और पुलिस से शिकायत कर पूरे मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है।
अब सवाल यह है कि नशा मुक्ति केंद्र से मरीज को अस्पताल में किस परिस्थिति में रेफर किया गया, क्या इसकी जानकारी परिजनों को दी गई थी, इलाज और भुगतान से जुड़े दस्तावेज क्या कहते हैं और मरीज को अस्पताल में रोककर रखने के आरोप में कितनी सच्चाई है।
फिलहाल मामले में पुलिस की जांच और यूनिटी हॉस्पिटल प्रबंधन का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।




