दिवंगत वनकर्मी की पत्नी से ₹1.57 लाख की वसूली पर हाईकोर्ट की रोक, 6 माह में राशि लौटाने का आदेश
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कोंडागांव वन विभाग के दिवंगत कर्मचारी की पत्नी मनीषा कोर्राम को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने उनसे की गई ₹1,57,767 की वसूली के आदेश को रद्द करते हुए जमा की गई पूरी राशि छह माह के भीतर वापस करने का निर्देश दिया है।मामला कोंडागांव वन विभाग में फॉरेस्टर के पद पर कार्यरत रहे Class-III कर्मचारी से जुड़ा है। कर्मचारी का 2 मई 2023 को सेवाकाल के दौरान निधन हो गया था। इसके बाद विभाग ने उनके कार्यकाल में हुए कथित अधिक भुगतान को आधार बनाते हुए उनकी पत्नी मनीषा कोर्राम से ₹1,57,767 की वसूली का आदेश जारी किया था।विभाग की ओर से की गई इस कार्रवाई को मनीषा कोर्राम ने अधिवक्ता नवोदय सिंह के माध्यम से हाईकोर्ट में चुनौती दी। याचिका में बताया गया कि वेतन का निर्धारण और भुगतान विभाग द्वारा किया गया था। कर्मचारी की ओर से किसी तरह की गलत जानकारी या धोखाधड़ी किए जाने का आरोप भी नहीं था। इसके बावजूद मृत्यु-सह-सेवानिवृत्ति लाभ जारी करने से पहले वसूली की राशि जमा कराई गई।मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने विभाग द्वारा जारी रिकवरी आदेश को निरस्त कर दिया। कोर्ट ने निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता से जमा कराई गई ₹1,57,767 की राशि छह माह के भीतर वापस की जाए।हालांकि, कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि विभाग को वेतन निर्धारण में कोई त्रुटि नजर आती है, तो वह कानून के अनुसार वेतन निर्धारण में सुधार कर सकता है, लेकिन पहले से भुगतान की गई राशि की वसूली याचिकाकर्ता से नहीं की जा सकेगी
इस मामले में याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता नवोदय सिंह ने पैरवी की।




