बिलासपुर में दिखा अनोखा गणेश पंडाल, वीर जायसवाल और 7 बच्चों की मेहनत से विराजे गणपति महाराज
बिलासपुर के मसनगंज इलाके में इस बार गणेश उत्सव का एक अनोखा और दिल छू लेने वाला दृश्य देखने को मिल रहा है। यहां वीर जायसवाल और सात छोटे-छोटे स्कूली बच्चों ने अपनी मेहनत और श्रद्धा से भगवान गणेश के लिए एक छोटा सा पंडाल तैयार किया है।बताया जा रहा है कि मसनगंज में हर साल भोलेनाथ गणेश उत्सव समिति द्वारा गणपति महाराज की स्थापना की जाती थी। इन आयोजनों में इलाके के ये बच्चे भी उत्साह के साथ शामिल होते थे। लेकिन इस बार समिति के दूसरी जगह चले जाने से बच्चों को शुरुआत में थोड़ी निराशा हुई।
इसके बाद इन बच्चों ने सोचा कि अगर गणपति बप्पा के प्रति इतनी श्रद्धा है, तो क्यों न इस बार हम खुद ही गणेश जी की स्थापना करें।
बस फिर क्या था… वीर जायसवाल के साथ इन सात बच्चों ने मिलकर एक छोटा सा पंडाल तैयार किया और उसमें गणपति महाराज की स्थापना की।सबसे खास बात यह है कि बच्चों ने अपने पंडाल को चॉकलेट से सजाया है, जो इसे बाकी पंडालों से बिल्कुल अलग और अनोखा बना रहा है। सीमित साधनों के बावजूद बच्चों की मेहनत, उत्साह और भगवान गणेश के प्रति उनकी आस्था साफ दिखाई दे रही है।इन बच्चों की पहल यह संदेश भी देती है कि गणेश उत्सव सिर्फ बड़े आयोजनों और भव्य सजावट का नाम नहीं है, बल्कि श्रद्धा, एकता और अपनी इच्छा से कुछ अच्छा करने की भावना भी इस पर्व की खूबसूरती है।मसनगंज में इन सात बच्चों द्वारा सजाया गया यह छोटा सा पंडाल भले ही आकार में छोटा हो, लेकिन बच्चों की मेहनत और भक्ति ने इसे खास बना दिया है।
बिलासपुर के मसनगंज इलाके में इस बार गणेश उत्सव का एक अनोखा और दिल छू लेने वाला दृश्य देखने को मिल रहा है। यहां वीर जायसवाल और सात छोटे-छोटे स्कूली बच्चों ने अपनी मेहनत और श्रद्धा से भगवान गणेश के लिए एक छोटा सा पंडाल तैयार किया है।बताया जा रहा है कि मसनगंज में हर साल भोलेनाथ गणेश उत्सव समिति द्वारा गणपति महाराज की स्थापना की जाती थी। इन
आयोजनों में इलाके के ये बच्चे भी उत्साह के साथ शामिल होते थे। लेकिन इस बार समिति के दूसरी जगह चले जाने से बच्चों को शुरुआत में थोड़ी निराशा हुई।इसके बाद इन बच्चों ने सोचा कि अगर गणपति बप्पा के प्रति इतनी श्रद्धा है, तो क्यों न इस बार हम खुद ही गणेश जी की स्थापना करें।बस फिर क्या था… वीर जायसवाल के साथ इन सात बच्चों ने मिलकर एक छोटा सा पंडाल तैयार किया और उसमें गणपति महाराज की स्थापना की।सबसे खास बात यह है कि बच्चों ने अपने पंडाल को चॉकलेट से सजाया है, जो इसे बाकी पंडालों से बिल्कुल अलग और अनोखा बना रहा है। सीमित साधनों के बावजूद बच्चों की मेहनत, उत्साह और भगवान गणेश के प्रति उनकी आस्था साफ दिखाई दे रही है।इन बच्चों की पहल यह संदेश भी देती है कि गणेश उत्सव सिर्फ बड़े आयोजनों और भव्य सजावट का नाम नहीं है, बल्कि श्रद्धा, एकता और अपनी इच्छा से कुछ अच्छा करने की भावना भी इस पर्व की खूबसूरती है।मसनगंज में इन सात बच्चों द्वारा सजाया गया यह छोटा सा पंडाल भले ही आकार में छोटा हो, लेकिन बच्चों की मेहनत और भक्ति ने इसे खास बना दिया है।




