बिलासपुर के अयोध्या विहार में हर्षोल्लास से मनाई गई कृष्ण जन्माष्टमी, राधा-कृष्ण बने नन्हे बच्चे
बिलासपुर। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का पावन पर्व कृष्ण जन्माष्टमी बिलासपुर के अयोध्या विहार में हर्ष और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में बच्चों और महिलाओं ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया और भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना कर पर्व को श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया।
कार्यक्रम की शुरुआत भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना के साथ हुई। इसके बाद छोटे-छोटे बच्चों ने राधा और कृष्ण का मनमोहक रूप धारण कर सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। कोई नन्हा कान्हा मोर मुकुट और बांसुरी के साथ नजर आया, तो वहीं बच्चियां राधा रानी के सुंदर स्वरूप में दिखाई दीं।जन्माष्टमी के अवसर पर बच्चों के लिए विशेष रूप से मटकी फोड़ कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया। नन्हे बच्चों ने उत्साह के साथ मटकी फोड़कर भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं को याद किया। मटकी फूटते ही बच्चों में खुशी की लहर दौड़ गई और पूरा परिसर ‘जय श्री कृष्ण’ और ‘राधे-राधे’ के जयकारों से गूंज उठा।
8इस दौरान महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और बच्चों का उत्साह बढ़ाया। महिलाओं और बच्चों ने मिलकर भजन, पूजा-अर्चना और धार्मिक उत्सव के माहौल में जन्माष्टमी का पर्व मनाया।कार्यक्रम के अंत में सभी बच्चों को चॉकलेट खिलाकर उनका उत्साह बढ़ाया गया। राधा-कृष्ण के रूप में सजे नन्हे बच्चों के साथ तस्वीरें भी ली गईं। बच्चों की मासूमियत, उत्साह और भगवान श्रीकृष्ण के प्रति उनकी भक्ति ने पूरे आयोजन को खास बना दिया।
आयोजकों का कहना रहा कि ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों को अपनी भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और त्योहारों से जोड़ने का प्रयास किया जाता है। वहीं, बच्चों के साथ महिलाओं की सहभागिता ने इस पूरे आयोजन को और भी खास बना दिया।
कुल मिलाकर, पूजा-अर्चना, राधा-कृष्ण के स्वरूप, मटकी फोड़ और बच्चों के बीच चॉकलेट वितरण के साथ बिलासपुर के अयोध्या विहार में कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व बड़े ही उत्साह और भक्तिमय वातावरण में मनाया गया।




