रिटायर्ड कोयला कर्मियों के हक की लड़ाई तेज, पेंशन-ग्रेच्युटी को लेकर उठे सवाल
बिलासपुर। कोल इंडिया और एसईसीएल के सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन, ग्रेच्युटी, चिकित्सा सुविधा और आवास से जुड़े मुद्दे अब एक बार फिर सुर्खियों में हैं। सेवानिवृत्त कोयला खदान मजदूर संघ ने प्रबंधन पर रिटायर्ड कर्मियों के साथ भेदभाव और उपेक्षा का आरोप लगाया है।बिलासपुर प्रेस क्लब में पत्रकारवार्ता के दौरान संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि 2017 के बाद पेंशन निर्धारण में एसडीए को शामिल नहीं किए जाने से करीब डेढ़ लाख कर्मचारियों को हर महीने 300 से 600 रुपए तक कम पेंशन मिलने का दावा किया जा रहा है। संघ लंबे समय से पेंशन पुनरीक्षण की मांग कर रहा है।वहीं ग्रेच्युटी को लेकर भी दोहरे मापदंड का आरोप लगाया गया है। संघ का कहना है कि अधिकारियों को 20 लाख रुपए तक ग्रेच्युटी का लाभ मिला, जबकि मजदूरों के लिए 10 लाख रुपए की सीमा रही। संगठन ने समान लाभ और बकाया भुगतान की मांग उठाई है।सेवानिवृत्त कर्मियों ने एसईसीएल के खाली आवासों और चिकित्सा सुविधाओं को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि कई आवास खाली पड़े हैं, लेकिन जरूरतमंद रिटायर्ड कर्मचारियों को उनका लाभ नहीं मिल रहा।इस दौरान संघ ने पांचों केंद्रीय ट्रेड यूनियनों पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों के मुद्दों को अपेक्षित मजबूती से नहीं उठाया जा रहा है।अब संघ ने देशभर के रिटायर्ड कोयला कर्मियों को एकजुट कर आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। 19 सितंबर को बिलासपुर में एसईसीएल स्तर का सम्मेलन आयोजित होगा, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी।




