बिलासपुर में केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामदास अठावले ने आरक्षण, जातिवाद, जातीय जनगणना और छत्तीसगढ़ की राजनीति को लेकर बड़ा बयान दिया है।
बिलासपुर प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में अठावले ने कहा कि आरक्षण समाप्त करने की बात तभी हो सकती है, जब देश से जातिवाद और जातिगत भेदभाव पूरी तरह खत्म हो जाए।इसके साथ ही उन्होंने छत्तीसगढ़ में RPI को मजबूत करने और आगामी विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी की रणनीति को लेकर भी बड़ा संकेत दिया।
बिलासपुर प्रेस क्लब में केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास अठावले का स्वागत किया गया। पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की उपलब्धियों से लेकर सामाजिक न्याय और आरक्षण तक कई मुद्दों पर अपनी बात रखी।अठावले ने कहा कि पत्रकार समाज की समस्याओं को सामने लाने का महत्वपूर्ण काम करते हैं। उन्होंने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि वे खुद भी कभी पत्रकार बनना चाहते थे।
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आरक्षण पर बड़ा बयान
आरक्षण को लेकर पूछे गए सवाल पर अठावले ने कहा कि देश में सामाजिक बदलाव जरूर आया है, लेकिन जातिवाद अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।उनके मुताबिक ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी दलितों और आदिवासियों के साथ भेदभाव की घटनाएं सामने आती हैं।उन्होंने दो टूक कहा—
“अगर जातिवाद और जातिगत भेदभाव पूरी तरह खत्म हो जाए और समाज में वास्तविक समानता आ जाए, तो भविष्य में आरक्षण की जरूरत पर विचार किया जा सकता है।”
जातीय जनगणना
जातीय जनगणना के मुद्दे पर भी अठावले ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि जातीय जनगणना से अलग-अलग वर्गों की वास्तविक आबादी का आंकड़ा सामने आएगा।उन्होंने कहा कि आबादी के अनुपात में प्रतिनिधित्व देने पर भविष्य में चर्चा की जा सकती है, लेकिन सामाजिक न्याय का उद्देश्य किसी एक वर्ग को दूसरे के खिलाफ खड़ा करना नहीं होना चाहिए।
सामाजिक समानता
अठावले ने सामाजिक समानता की बात करते हुए अंतरजातीय विवाह और सामाजिक संबंधों का भी जिक्र किया।उन्होंने अपने निजी जीवन का उदाहरण देते हुए बताया कि उनकी पत्नी ब्राह्मण समाज से हैं और वे स्वयं दलित समाज से आते हैं।अठावले का कहना था कि सामाजिक दूरी कम करके सभी वर्गों को साथ लेकर चलना ही सामाजिक एकता का रास्ता है।
छत्तीसगढ़ में RPI का विस्तार
पत्रकार वार्ता का सबसे अहम राजनीतिक मुद्दा रहा छत्तीसगढ़ में RPI का विस्तार।अठावले ने कहा कि छत्तीसगढ़ में उनकी पार्टी की मौजूदगी पहले से है, लेकिन संगठन को और मजबूत करने की जरूरत है।उन्होंने कहा कि RPI सतनामी, दलित, OBC, ब्राह्मण, वैश्य समेत सभी समाजों को साथ लेकर आगे बढ़ेगी।
BJP गठबंधन पर बड़ा संकेत
आगामी विधानसभा चुनाव में BJP के साथ गठबंधन के सवाल पर अठावले ने कहा कि RPI एनडीए का हिस्सा है।अगर BJP छत्तीसगढ़ में RPI को सीट देती है तो गठबंधन के तहत चुनाव लड़ने पर विचार किया जाएगा।उन्होंने कहा कि अगर 4-5 सीटें मिलती हैं
तो उस पर बातचीत हो सकती है, लेकिन पर्याप्त सीटें नहीं मिलने की स्थिति में RPI 8 से 10 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने की तैयारी कर सकती है।
निजी क्षेत्र और रोजगार
निजी क्षेत्र में आरक्षण के सवाल पर अठावले ने कहा कि सरकारी नौकरियों के अवसर सीमित हो रहे हैं और कई संस्थान निजी क्षेत्र में जा रहे हैं।उन्होंने युवाओं से केवल सरकारी नौकरी पर निर्भर नहीं रहने की अपील की।अठावले ने कहा कि युवाओं को कौशल विकास, स्वरोजगार, MSME और उद्यमिता की दिशा में भी आगे बढ़ना चाहिए।
महिला आरक्षण
महिला आरक्षण पर उन्होंने कहा कि राजनीति और संसद में महिलाओं की भागीदारी बढ़नी चाहिए।उन्होंने डॉ. भीमराव अंबेडकर के महिला अधिकारों से जुड़े प्रयासों का उल्लेख करते हुए महिलाओं को शिक्षा, संपत्ति और समान अधिकार दिए जाने की बात कही।
राहुल गांधी पर निशाना
राहुल गांधी को लेकर पूछे गए सवाल पर अठावले ने कहा कि विपक्ष को सरकार की आलोचना करने का पूरा अधिकार है, लेकिन आलोचना तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए।उन्होंने दावा किया कि 2029 के लोकसभा चुनाव में भी नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में NDA की सरकार बनने की संभावना है।




