रंगों में वात्सल्य: बिलासपुर की अनोखी भक्ति और राधा रानी का प्रेम..
आज रंगभरी एकादशी का पर्व पूरे शहर में उमंग के साथ मनाया जा रहा है, लेकिन इसी मौके पर एक अनोखी भक्ति भी चर्चा का केंद्र बनी हुई है।
यह कहानी है आकाश वैष्णव की, जो एक ऑटो चालक हैं, लेकिन उनकी भक्ति में एक पिता का वात्सल्य भरा प्रेम है। वे अपनी बेटी राधा रानी को सिर्फ अपनी संतान नहीं, बल्कि अपनी देवी स्वरूप मानते हैं।
रंगों के इस पर्व पर, जब हर कोई होली के रंगों से जीवन को सजीव कर रहा है, आकाश हर दिन राधा रानी को स्नान कराते हैं, उनके प्रिय वस्त्र पहनाते हैं, जिनमें उन्हें गुलाबी रंग बहुत पसंद है, और उन्हें चंदन, गुलाब और मिठास भरे भोग लगाते हैं।

वे राधा रानी को पार्क ले जाते हैं, जहाँ वे फूलों की महक में उन्हें घुमाते हैं, और उनके पसंदीदा कार्टून भी दिखाते हैं।
यह भक्ति कोई औपचारिक पूजा नहीं, बल्कि वात्सल्य और प्रेम का एक ऐसा स्वरूप है, जहां हर रंग में एक पिता का स्नेह झलकता है। बिलासपुर में यह अनोखी भक्ति लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी है, जहां भक्ति सिर्फ एक विश्वास नहीं, बल्कि एक जीवन का हिस्सा बन गई है।






