अपोलो हॉस्पिटल में गैस्ट्रो केयर की नई शुरुआत आधुनिक मशीनों से बेहतर एवं सरल इलाज, आधुनिक जीवनशैली से बढ़ रही पाचन तंत्र की बीमारियों के लिए बेहतर तकनीक, बेहतर उपचार, बेहतर इलाज।

अपोलो हॉस्पिटल बिलासपुर।में उपलब्ध अत्याधुनिक गैस्ट्रो केयर। (Gastro Care) सुविधाएँ —आधुनिक जीवनशैली से बढ़ रही पाचन तंत्र की बीमारियों के लिए विशेषज्ञ उपचार

बिलासपुर आज की तेज़ रफ्तार एवं अत्यधिक प्रतिस्पर्धात्मक जीवनशैली ने लोगों के स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव डाला है। अनियमित दिनचर्या, तनावपूर्ण कार्यशैली, देर रात तक जागना, फास्ट फूड एवं जंक फूड का अत्यधिक सेवन, समय पर भोजन न करना तथा शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी अर्थात पाचन तंत्र से जुड़ी बीमारियों में लगातार वृद्धि हो रही है।इन्हीं बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं को ध्यान में रखते हुए अपोलो हॉस्पिटल बिलासपुर।में अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित गैस्ट्रो केयर टीम कार्यरत है, जहाँ अनुभवी गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट, जी आई सर्जन (GI Surgeon), एंडोस्कोपी विशेषज्ञ, लिवर एवं पैंक्रियास रोग विशेषज्ञ तथा प्रशिक्षित तकनीकी एवं नर्सिंग टीम द्वारा मरीजों को समर्पित एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार प्रदान किया जा रहा है।डॉक्टरों का कहना है कि अत्यधिक मसालेदार भोजन, जंक फूड, धूम्रपान, शराब सेवन, अत्यधिक चाय-कॉफी, लंबे समय तक खाली पेट रहना तथा मानसिक तनाव पाचन तंत्र को गंभीर रूप से प्रभावित करते हैं। कई बार रोग के शुरुआती लक्षण सामान्य प्रतीत होते हैं, लेकिन समय पर जांच न होने से बीमारी गंभीर रूप ले सकती है।

अभय कुमार गुप्ता संस्था प्रमुख अपोलो हॉस्पिटल बिलासपुर में बताया कि हमारा सदैव प्रयास रहा है कि बिलासपुर में आसपास के लोगों को महानगरों जैसी आधुनिक स्वास्थ्य सुविधा अपने ही शहर में उपलब्ध हो सके और मरीजों को उपचार हेतु बाहर न जाना पड़े इसी तरतने में अपोलो हॉस्पिटल बिलासपुर आधुनिक गैस्ट्रोएंटरोलॉजी से संबंधित कई उन्नत जांच सुविधा एवं उपचार सुविधा आरंभ करने जा रहा है इसमें विशेष रूप से।

. एंडोस्कोपिक अल्ट्रासाऊंड  (Endoscopic Ultrasound (EUS)

. एसोफागियल मनोमेट्री।(Esophageal Manometry)

. कैप्सूल एंडोस्कोपी।(Capsule Endoscopy)

. एडवांस्ड डायग्नोस्टिक एवं थैरेपीयूटिक एंडोस्कोपी। (Advanced Diagnostic & Therapeutic Endoscopy)

. जी आई सर्जरी।  (GI Surgery)

डॉक्टर देवेंद्र सिंह वरिष्ठ गैस्ट्रोएंटरोलॉजी अपोलो हॉस्पिटल बिलासपुर ने अस्पताल के आरंभ से लेकर अब तक के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के सफर की जानकारी देते हुए बताया कि अपोलो के आरंभ में कोलकाता से लेकर इस बिलासपुर शहर तक के बीच में कोई भी गैस्टोरेंटोलॉजिस्ट उपलब्ध नहीं था और आज की स्थिति यह है कि आज हमारे पास पूरा गैस्ट्रोएंटरोलॉजी कंप्रिहेंसिव केयर टीम उपलब्ध है साथ ही यह बताया कि विभाग में अब तक लगभग 122000 ओपीडी मरीजों 24000 इन पेशेंट्स का उपचार, लगभग 61000 के आसपास गैस्ट्रो प्रोसीजर्स किए जा चुके हैं। उन्होंने आगे बताते हुए कहा कि। अपोलो हॉस्पिटल बिलासपुर का गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग उत्तरी छत्तीसगढ़ के लगभग 14 जिलों मध्य प्रदेश के चार जिलों एवं उड़ीसा के तीन जिलों के मरीजों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करा रहा है। गैस्ट्रो प्रोसीजर्स जैसे एंडोस्कोपी कोलोनोस्कोपी सिगमाडोस्कोपी फ्लोरोस्कॉपी फाइब्रोस्कैन लिवर बायोप्सी एवं इआरसीपी तथा स्क्लेरोथेरेपी की सुविधा पहले ही अपोलो हॉस्पिटल बिलासपुर में उपलब्ध थी और अब इनके साथ-साथ नई आधुनिक तकनीकी युक्त सुविधाओं का भी समावेश किया जा रहा है।

डॉ सीतेंदू पटेल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी अपोलो हॉस्पिटल बिलासपुर ने बताया कि एंडोस्कोपिक अल्ट्रासाऊंड के माध्यम से भोजन नली, पेट, अग्नाशय, पित्ताशय एवं आसपास की संरचनाओं की अत्यंत सूक्ष्म जांच संभव हो पाती है। यह तकनीक अग्नाशय के कैंसर, पित्त नली की समस्याओं तथा पेट के अंदरूनी ट्यूमर के शुरुआती निदान में अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रही है।

डॉ समर्थ शर्मा उदर रोग विशेषज्ञ ने कैप्सूल एंडोस्कोपी के बारे में बताया कि यह  एक आधुनिक एवं सुविधाजनक तकनीक है, जिसमें मरीज को एक छोटे कैप्सूल के आकार का कैमरा निगलना होता है। यह कैप्सूल शरीर के अंदर जाकर छोटी आंत की तस्वीरें लेता है, जिससे ऐसी बीमारियों का भी पता लगाया जा सकता है जो सामान्य एंडोस्कोपी में दिखाई नहीं देतीं। यह बिना दर्द एवं बिना सर्जरी के होने वाली अत्यंत प्रभावी जांच पद्धति है।

डॉक्टर लाजपत अग्रवाल जी आई सर्जन अपोलो हॉस्पिटल बिलासपुर अस्पताल में नई आधुनिकतम मशीनों के समावेश पर जानकारी देते हुए कहा कि बीमारी के सटीक डायग्नोसिस सर्जरी में विशेष रूप से सहायक होगी।यदि लगातार पेट दर्द, एसिडिटी, भूख में कमी, वजन घटना, निगलने में परेशानी, उल्टी या मल त्याग में अनियमितता जैसी समस्याएँ बनी रहें, तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श लेना चाहिए। आधुनिक तकनीकों एवं अनुभवी विशेषज्ञों की सहायता से आज कई गंभीर बीमारियों का प्रारंभिक चरण में ही सफल निदान एवं उपचार संभव हो गया है।

स्वस्थ जीवनशैली, सही खानपान एवं समय पर जांच ही स्वस्थ पाचन तंत्र और बेहतर जीवन की कुंजी है।डॉ अनिल कुमार गुप्ता, चिकित्सा अधीक्षक, अपोलो हॉस्पिटल बिलासपुर

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