गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने देशव्यापी अभियान का ऐलान, गोहत्या पर केंद्रीय कानून की उठी मांग
बिलासपुर, गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने और पूरे देश में गोहत्या पर केंद्रीय कानून बनाने की मांग को लेकर छह चरणों में देशव्यापी जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। अभियान के माध्यम से हस्ताक्षर अभियान, प्रार्थना पत्र, जनसंपर्क, दिल्ली में चरणबद्ध कार्यक्रम और उपवास जैसे शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक माध्यमों से केंद्र सरकार तक मांग पहुंचाई जाएगी।अभियान से जुड़े भारत महाराज ने बिलासपुर में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि गौहत्या रोकने की जिम्मेदारी केवल सरकार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की भी है। उन्होंने कहा कि जब देशभर के लोग संगठित होकर अपनी मांग सरकार तक पहुंचाएंगे, तभी इस विषय पर प्रभावी निर्णय संभव होगा।भारत महाराज ने कहा कि गौहत्या पर प्रतिबंध की मांग नई नहीं है। उन्होंने बताया कि आजादी के समय महात्मा गांधी और सरदार वल्लभभाई पटेल ने भी इस विषय पर कानून बनाने की आवश्यकता जताई थी। वर्ष 1964 और 1966 में साधु-संतों के नेतृत्व में बड़े आंदोलन हुए, जबकि 2016 में भी इस मुद्दे को दोबारा उठाया गया था। अब संत समाज ने आंदोलन के बजाय जनजागरण और प्रार्थना के माध्यम से देशव्यापी अभियान चलाने का निर्णय लिया है।उन्होंने दावा किया कि इस अभियान में सभी धर्मों और समुदायों के लोगों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उनका कहना था कि गौसंरक्षण केवल धार्मिक नहीं बल्कि पर्यावरण और प्रकृति से जुड़ा विषय भी है। भारत महाराज ने सड़कों पर घूम रहे गौवंश की समस्या का उल्लेख करते हुए केंद्र सरकार से केंद्रीय चरागाह नीति बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि गौवंश के लिए पर्याप्त चारा, सुरक्षित आश्रय और चरागाह उपलब्ध कराना आवश्यक है तथा गौशालाओं के संचालन में संत समाज और गौसेवा से जुड़े अनुभवी लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
छह चरणों में चलेगा अभियान
उन्होंने बताया कि पहले चरण में देशभर से लगभग 5 करोड़ हस्ताक्षर केंद्र सरकार तक भेजे जा चुके हैं। दूसरे चरण में 27 जुलाई 2026 को जिला मुख्यालयों से दोबारा प्रार्थना पत्र सौंपे जाएंगे और 15 करोड़ हस्ताक्षर जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। तीसरे चरण में 20 करोड़ हस्ताक्षर एकत्र किए जाएंगे।यदि इसके बाद भी मांग पूरी नहीं होती है तो चौथे चरण में दिल्ली में लाखों प्रार्थना पत्र प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंचाने का अभियान चलेगा। पांचवें चरण में देशभर से संत और श्रद्धालु दिल्ली पहुंचकर उपवास करेंगे। वहीं, अंतिम चरण में संत समाज, सामाजिक संगठन और विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधि आगे की रणनीति तय करेंगे।भरत महाराज ने कहा कि अभियान पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से चलाया जाएगा। इसका उद्देश्य गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने, गोहत्या पर केंद्रीय कानून बनाने और गौसंरक्षण के प्रति जनजागरण पैदा करना है।





