बिलासपुर गौसेवा धाम में गौकथा के दूसरे दिन उमड़ा गौभक्तों का सैलाब
बिलासपुर। गौसेवा धाम में आयोजित गौकथा के दूसरे दिवस बड़ी संख्या में गौभक्तों की भीड़ उमड़ी। हिमालय से प्रवाहित गौकथा की गंगा बिलासपुर पहुंची, जहां कथा वाचक श्री गोपाल मणि जी महाराज ने गौमाता की महिमा, गौसेवा और गो-प्रतिष्ठा के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।कथा के दौरान गोपाल मणि जी महाराज ने कहा कि “द्रौपदी का सम्मान वही कर सकता है, जो दुशासन से टकराएगा और दुशासन से वही टकरा सकता है जो गाय वाला हो। ऐसे एकमात्र देवता श्रीकृष्ण हैं, जिन्होंने द्रौपदी की लाज बचाई।”उन्होंने कहा कि आज भी कलियुग में द्रौपदी रूपी गाय का वध किया जा रहा है। उनके अनुसार, जिस दिन भारत की सत्ता पर गौभक्त नेतृत्व आएगा, उस दिन भारत गौहत्या से मुक्त होगा और गौमाता को राष्ट्रमाता का सम्मान मिलेगा।
महाराज ने कहा कि “गाय को सम्मान चाहिए, अनुदान नहीं।” भगवान श्रीकृष्ण के जीवन में गोवर्धन और गो-प्रतिष्ठा का विशेष महत्व रहा है। उन्होंने कहा कि यदि धरती पर राम और कृष्ण को पहचानना है तो गोकुल को पहचानना होगा। गोकुल वही है, जहां गाय प्रसन्न होकर निवास करे।उन्होंने गौसेवा को मनुष्य जीवन का ऐसा कार्य बताया, जो कभी नष्ट नहीं होता। महाराज के अनुसार, गाय की उपेक्षा समाज और राष्ट्र के लिए चिंता का विषय है और जिस दिन गौमाता को प्रतिष्ठा मिलेगी, उस दिन भारत के आध्यात्मिक उत्थान का मार्ग और मजबूत होगा।कथा में उन्होंने कहा कि “मैं को मिटाने की दवा मां है।” मनुष्य कितना भी अभिमानी क्यों न हो, मां के सामने पहुंचते ही विनम्र हो जाता है। उन्होंने भगवान हनुमान और माता सीता के प्रसंग के माध्यम से त्याग और प्रतिष्ठा का संदेश दिया गोपाल मणि जी महाराज ने गौसेवा के साथ गौमहिमा को जानने और समझने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि जब तक गौमाता की महिमा नहीं सुनी जाएगी, तब तक हृदय में गौ के प्रति प्रेम और निष्ठा जागृत नहीं होगी। उन्होंने कहा—“वेद बिना मति, गाय बिना गति नहीं।”गौ के महत्व को समझाते हुए उन्होंने कहा कि बिना महत्व जाने की गई सेवा अधूरी है। उन्होंने गौ को स्वर्ग की सीढ़ी बताते हुए कहा कि गौसेवा करने वाले का किसी काल में पतन नहीं होता। राजा दिलीप का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि उन्होंने गौसेवा के माध्यम से स्वर्ग की प्राप्ति की और उनके गुरु वशिष्ठ गौमाता को अपना इष्ट मानकर सेवा करते थे।उन्होंने कहा कि भक्ति की पहचान अनन्यता है और गौसेवा के प्रति भी ऐसी ही निष्ठा आवश्यक है।
गौसेवक रहे उपस्थित
कथा में भारतीय गौ क्रांति मंच के प्रदेश अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल सहित नंदकिशोर अग्रवाल, प्रताप रंजन वर्मा, उज्ज्वल भट्टाचार्य, ईश्वर पटेल, रतनलाल शर्मा, संजू पटेल, संकल्प शुक्ला, सचिन द्विवेदी, नंदू वर्मा, राम वर्मा, शत्रुघ्न कृष्णा, विष्णु पुरोहित, मनजीत सिंह, बाबा शर्मा, विकास यादव, प्रमोद, सुमित्र, प्रकाश पुरोहित शर्मा, दुर्गेश शुक्ला,
दिव्यांश, राजा के पटेल, धूम के ग्रामवासी गोलू भाई, नरेंद्र यादव, आशीष त्रिपाठी, शुभम शुक्ला, शिवांश पांडे, गौरव शर्मा, आकाश कुशवाहा, लव साहू, अविनाश कौशिक, विक्रम सिंह, अवधेश द्विवेदी सहित बड़ी संख्या में गौसेवक एवं गौभक्त उपस्थित रहे।






