रक्तदान महादान: बिलासपुर प्रेस क्लब की पहल से सजा सेवा का महाअभियान
बिलासपुर। समाज सेवा और मानवता के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए प्रेस क्लब बिलासपुर तत्वावधान में आज प्रेस क्लब परिसर में विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर शहर के पत्रकारों, , सामाजिक कार्यकर्ताओं, युवाओं और आम नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया तथा स्वेच्छा से रक्तदान कर जरूरतमंदों के लिए जीवनदान का संदेश दिया।

रक्तदान शिविर का शुभारंभ अतिथियों द्वारा किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि रक्तदान एक ऐसा महादान है, जिससे किसी गंभीर मरीज को नया जीवन मिल सकता है। वर्तमान समय में दुर्घटनाओं, ऑपरेशन और विभिन्न बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए रक्त की आवश्यकता लगातार बनी रहती है। ऐसे में समाज के प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को समय-समय पर रक्तदान करना चाहिए।
शिविर में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक रक्तदाताओं का पंजीयन किया गया। रक्तदान करने पहुंचे लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा था। पहली बार रक्तदान करने वाले युवाओं एवम महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई और दूसरों को भी इस पुण्य कार्य के लिए प्रेरित किया। शिविर में स्वास्थ्य संबंधी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई गई थीं तथा विशेषज्ञों की देखरेख में रक्त संग्रहण की प्रक्रिया पूरी की गई।
आयोजकों ने बताया कि रक्तदान न केवल किसी जरूरतमंद की जान बचाने का माध्यम है, बल्कि यह स्वयं रक्तदाता के स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी माना जाता है। रक्तदान करने से शरीर में नए रक्त कोशिकाओं का निर्माण होता है और कई स्वास्थ्य संबंधी लाभ प्राप्त होते हैं।
इस सामाजिक सरोकार से जुड़े आयोजन में बालाजी चैरिटेबल ब्लड सेंटर, मंगला चौक बिलासपुर का विशेष सहयोग रहा। ब्लड सेंटर की टीम ने रक्त संग्रहण और चिकित्सा संबंधी व्यवस्थाओं को सफलतापूर्वक संचालित किया।
कार्यक्रम के अंत में सभी रक्तदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए। आयोजकों ने कहा कि भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता रहेगा ताकि जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराया जा सके और समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके।
बिलासपुर प्रेस क्लब पहल से आयोजित रक्तदान शिविर में लोगों ने उत्साह के साथ रक्तदान कर मानवता की मिसाल पेश की। बड़ी संख्या में रक्तदाताओं की भागीदारी ने यह साबित कर दिया कि समाज में सेवा और सहयोग की भावना आज भी जीवित है।





