स्मार्ट सिटी के दावों की खुली पोल, वार्ड 62 की जनता बूंद-बूंद पानी को मोहताज
बिलासपुर को स्मार्ट सिटी बनाने के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। वार्ड क्रमांक 62 कपिल नगर के लोग आज भी साफ पेयजल के लिए तरस रहे हैं। अमृत मिशन योजना के तहत करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन वार्डवासियों को उसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से क्षेत्र में गंदा और दूषित पानी सप्लाई हो रहा है। कई बार शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया गया। लोगों का आरोप है कि पाइपलाइन से आने वाला पानी पीने योग्य नहीं है, जिससे बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है।वार्ड के पूर्व और वर्तमान जनप्रतिनिधियों द्वारा भी नगर निगम अधिकारियों और महापौर को कई बार पत्र लिखकर समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। क्षेत्रवासियों का कहना है कि चुनाव के दौरान बड़े-बड़े वादे किए गए थे, लेकिन आज भी वे मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं।शहरभर में विकास के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन कपिल नगर की तस्वीर इन दावों की सच्चाई सामने ला रही है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही साफ पानी की व्यवस्था नहीं की गई तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।अब देखना होगा कि नगर निगम और जिम्मेदार अधिकारी वार्ड 62 की इस गंभीर समस्या पर कब तक ध्यान देते हैं और क्षेत्रवासियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करा पाते हैं या नहीं?





