रसूख के आगे बेबस दिखी सिविल लाइन पुलिस, आर्म्स एक्ट हटाकर मुचलके में छोड़ा!
बिलासपुर। सिविल लाइन थाना क्षेत्र में सड़क पर खड़ी कार को हटाने की बात को लेकर हुए विवाद में मारपीट और चाकू से हमला करने के आरोप का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता सत्यप्रकाश सिंह के अनुसार, कार हटाने को लेकर विवाद के बाद आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए हाथ-मुक्का से मारपीट की और चाकू से हमला करने की धमकी दी।
मामले में पुलिस के दस्तावेज में बीएनएस की धारा 126(2), 296, 115(2), 351(3) और 3(5) के तहत कार्रवाई दर्ज दिखाई गई है। साथ ही दस्तावेज में आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 का भी उल्लेख है।
लेकिन अब सवाल पुलिस की कार्रवाई को लेकर उठ रहा है। आरोप है कि आर्म्स एक्ट की धाराएं हटाकर आरोपियों को मुचलके पर छोड़ दिया गया।जानकार लोगों का कहना है कि जब शिकायत में चाकू से हमला और धमकी जैसे आरोप सामने आए हैं, तो आर्म्स एक्ट की धाराओं में आगे कार्रवाई क्यों नहीं की गई, यह जांच का विषय है।ऐसे में सवाल उठता है कि क्या धाराओं में बदलाव किसी कानूनी प्रक्रिया के तहत हुआ या फिर किसी प्रभावशाली व्यक्ति के दबाव में कार्रवाई बदली गई?फिलहाल पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। पुलिस की ओर से यह स्पष्ट किया जाना जरूरी है कि आर्म्स एक्ट की धाराओं को हटाने का आधार क्या था और आरोपियों को किन प्रावधानों के तहत मुचलके पर छोड़ा गया।




