शिक्षा से अरपा तक ..हमर पहुना में सुशांत शुक्ला ने रखी बिलासपुर के विकास की तस्वीर
बिलासपुर प्रेस क्लब के लोकप्रिय कार्यक्रम “हमर पहुना” में आज बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने पत्रकारों से खुलकर संवाद किया। इस दौरान उन्होंने अपने राजनीतिक सफर, स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव से मिले संस्कार, बिलासपुर के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, अवैध बसाहट, अरपा नदी के प्रदूषण और प्रशासनिक व्यवस्था सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बेबाकी से अपनी बात रखी
कार्यक्रम की शुरुआत में बिलासपुर प्रेस क्लब की कार्यकारिणी ने विधायक सुशांत शुक्ला का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। पत्रकारों से बातचीत के दौरान विधायक सुशांत शुक्ला ने कहा कि बिलासपुर प्रेस क्लब शहर की सर्वदलीय आवाज है, जिसने हमेशा बिलासपुर के हक और विकास से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है।
अपने राजनीतिक जीवन और स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव से मिले संस्कारों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वे स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव की पांच साल की पाठशाला से निकले छात्र हैं। उनके जीवन से उन्होंने दो महत्वपूर्ण बातें सीखीं—व्यावहारिक संबंधों को निभाना और अपने विचार के प्रति प्रतिबद्ध रहना।
विधायक सुशांत शुक्ला ने बिलासपुर के विकास को लेकर कहा कि शहर को शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने की जरूरत है। बिलासपुर तेजी से शिक्षा और चिकित्सा का हब बन रहा है और इन क्षेत्रों में सुविधाओं के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ाने होंगे। उन्होंने कहा कि
राजधानी क्षेत्र से विकास की राजधानी तक लाने की चुनौती है।सुपर स्पेशलिटी अस्पताल को लेकर उन्होंने कहा कि अस्पताल की दिशा में काम आगे बढ़ रहा है, लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टरों और पर्याप्त बजट के साथ इसे सफलतापूर्वक संचालित करना बड़ी चुनौती है।
अरपा नदी के प्रदूषण पर भी उन्होंने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि पहले नालियों की व्यवस्था होनी चाहिए और उसके बाद बैराज का निर्माण किया जाना चाहिए। गंदे पानी की निकासी नहीं होने से अरपा नदी प्रदूषित हो रही है। इस समस्या के समाधान के लिए दीर्घकालिक योजना जरूरी है।बेलतरा क्षेत्र में 300 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्य प्रारंभ हो चुके हैं और लगभग इतनी ही राशि के अन्य कार्यों की स्वीकृति प्रक्रिया में है।विधायक सुशांत शुक्ला ने कहा कि वरिष्ठ नेताओं के अनुभव से सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने लापरवाह शासन व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए इसे “प्रशासनिक आतंकवाद” बताया।बेलतरा में भाजपा की कार्यकर्ता आधारित राजनीति की परंपरा को भी उन्होंने रेखांकित किया।





