बिलासपुर शांत है, कमजोर नहीं. बिलासपुर को चाहिए तेज विकास, एयरपोर्ट विस्तार को बताया पहली प्राथमिकता: हमर पहुना में बोले प्रवीण झा
बिलासपुर। बिलासपुर प्रेस क्लब के प कार्यक्रम “हमर पहुना” में उद्योगपति एवं समाजसेवी प्रवीण झा बतौर अतिथि शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने अपने संघर्ष से सफलता तक के सफर के साथ उद्योग, रोजगार, समाजसेवा, युवाओं और बिलासपुर के विकास से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी बात रखी।
प्रेस क्लब अध्यक्ष अजित मिश्रा, उपाध्यक्ष विजय क्रांति तिवारी, सचिव संदीप करिहार, कोषाध्यक्ष किशोर सिंह और सह-सचिव हरिकिशन गंगवानी ने प्रवीण झा का साल-श्री भेंट कर स्वागत किया और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।
अभाव से शुरू हुआ संघर्ष
अपने शुरुआती जीवन को याद करते हुए प्रवीण झा ने बताया कि उनका बचपन बिहार के एक छोटे से गांव में आर्थिक अभाव के बीच बीता। किताबों और कपड़ों तक के लिए दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था। स्कूल जाने के लिए कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था और बरसात के दिनों में नदी-नाले पार कर पढ़ाई के लिए जाना पड़ता था।उन्होंने कहा कि संघर्ष ही व्यक्ति को मजबूत बनाता है और सफलता पाने के लिए कठिन परिस्थितियों से गुजरना जरूरी है।
एक हजार रुपये की नौकरी से उद्योग तक का सफर
प्रवीण झा ने बताया कि वर्ष 1993 में छत्तीसगढ़ आने के बाद उन्होंने जिंदल स्टील्स में करीब एक हजार रुपये मासिक वेतन पर नौकरी शुरू की। बिलासपुर आने के समय उनके पास साइकिल तक नहीं थी। रेलवे
स्टेशन से प्रतिदिन चार रुपये किराए पर साइकिल लेकर वे काम किया करते थे।उन्होंने बताया कि नौकरी की शुरुआत में ही उन्होंने तय कर लिया था कि भविष्य में ऐसा काम करेंगे जिससे केवल खुद को नहीं, बल्कि दूसरे लोगों को भी रोजगार मिल सके। इसी सोच के साथ उन्होंने उद्योग के क्षेत्र में कदम रखा और धीरे-धीरे आगे बढ़ते गए।
उद्योग के साथ पर्यावरण और गांव की जिम्मेदारी भी जरूरी
उद्योगों को लेकर प्रवीण झा ने कहा कि किसी भी उद्योग का उद्देश्य केवल मुनाफा कमाना नहीं होना चाहिए। जिस क्षेत्र में उद्योग स्थापित हो, वहां के लोगों, उनके स्वास्थ्य और पर्यावरण की जिम्मेदारी भी उद्योग संचालक की होती है।उन्होंने कहा कि उद्योग ऐसा होना चाहिए जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिले, क्षेत्र का विकास हो और पर्यावरण भी सुरक्षित रहे। स्थानीय लोगों का विश्वास और सहयोग किसी भी उद्योग के लिए महत्वपूर्ण है।
एयरपोर्ट को बताया विकास की पहली प्राथमिकता
बिलासपुर के विकास पर बात करते हुए प्रवीण झा ने कहा कि शहर की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में एयरपोर्ट का विस्तार और बेहतर हवाई कनेक्टिविटी होना चाहिए।उन्होंने कहा कि बेहतर हवाई सेवा से उद्योग, व्यापार, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में बिलासपुर को बड़ा फायदा मिल सकता है। उन्होंने माना कि बिलासपुर में विकास हुआ है, लेकिन रायपुर की तुलना में विकास की गति अभी भी अपेक्षा के अनुरूप नहीं है।
बिलासपुर शांत है, कमजोर नहीं
बिलासपुर के विकास में अपेक्षित तेजी नहीं आने के कारणों पर उन्होंने कहा कि शहर के लोगों का शांत और मिलनसार स्वभाव भी एक वजह हो सकता है। लेकिन शांत रहने का मतलब यह नहीं कि बिलासपुर के लोग अपने अधिकारों के लिए आवाज नहीं उठा सकते।प्रवीण झा ने
कहा कि जरूरत पड़ी तो बिलासपुर के हक और विकास के लिए सड़क पर उतरकर लड़ाई लड़ी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी दल की हो, शहर को उसका अधिकार और विकास मिलना चाहिए।
समाज से लिया है तो समाज को देना भी होगा
समाजसेवा को लेकर उन्होंने कहा कि इंसान समाज से बहुत कुछ प्राप्त करता है, इसलिए समाज के प्रति उसकी जिम्मेदारी भी होती है। उन्होंने कहा कि बिलासपुर और समाज ने उन्हें बहुत कुछ दिया है और अब समाज के लिए काम करना वे अपना कर्तव्य मानते हैं।उन्होंने युवाओं को धर्म, संस्कार और समाज से जोड़ने की जरूरत पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि धर्म को केवल पर्व और आयोजनों तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि जीवन में संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारी भी दिखाई देनी चाहिए।
युवाओं से बोले—व्यवसाय कोई छोटा काम नहीं
युवाओं को संदेश देते हुए प्रवीण झा ने कहा कि आज अधिकांश युवा डॉक्टर, इंजीनियर या अधिकारी बनने का सपना देखते हैं, लेकिन व्यवसाय और उद्योग को करियर के रूप में चुनने वाले युवाओं की संख्या कम है।उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था में व्यापार और उद्योग की म
हत्वपूर्ण भूमिका है। कोई काम छोटा या बड़ा नहीं होता। पान का ठेला लगाने वाला भी व्यवसाय कर रहा है और बड़ा उद्योग चलाने वाला भी।उन्होंने युवाओं से मेहनत के साथ धैर्य रखने और असफलताओं से सीखते हुए आगे बढ़ने की अपील की।
रामलला दर्शन यात्रा आगे भी जारी रहेगी
प्रवीण झा ने बताया कि वे हर वर्ष बड़ी संख्या में लोगों के साथ अयोध्या में रामलला के दर्शन के लिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि यह यात्रा आगे भी जारी रहेगी।पत्रकारों के सवाल पर उन्होंने अगले वर्ष प्रेस क्लब के पत्रकार साथियों को भी रामलला दर्शन यात्रा पर ले जाने का आश्वासन दिया।
आलोचना की चिंता नहीं, काम करते रहना जरूरी
आलोचनाओं को लेकर प्रवीण झा ने कहा कि लोगों का काम बोलना है, लेकिन व्यक्ति को अपने कर्तव्य और लक्ष्य से भटकना नहीं चाहिए।उन्होंने कहा कि यदि व्यक्ति ईमानदारी से अच्छा काम करता रहे तो समय के साथ उसकी मेहनत खुद बोलती है और आलोचना करने वाले लोग भी उसके काम को स्वीकार करने लगते हैं।




