छत्तीसगढ़ के गहना माता तीजन बाई अब हमर बीच नइं रहिन पंडवानी के गूंज अब याद बनगे, माता तीजन बाई ल कोटि-कोटि नमन

छत्तीसगढ़ के गहना माता तीजन बाई अब हमर बीच नइं रहिन पंडवानी के गूंज अब याद बनगे, माता तीजन बाई ल कोटि-कोटि नमन पद्म विभूषण लोकगायिका माता तीजन बाई का निधन, छत्तीसगढ़ सहित देशभर में शोक की लहर

बिलासपुर/रायपुर। छत्तीसगढ़ की गौरव, विश्व प्रसिद्ध पंडवानी गायिका एवं पद्म विभूषण से सम्मानित माता तीजन बाई का निधन हो गया। उनके निधन की खबर से पूरे प्रदेश सहित देशभर के कला, साहित्य और संस्कृति जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।माता तीजन बाई ने अपनी अद्भुत गायन शैली और प्रभावशाली प्रस्तुति के माध्यम से पंडवानी लोककला को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई। उन्होंने महाभारत की कथाओं को अपनी सशक्त आवाज़, अभिनय और भावपूर्ण शैली से जीवंत कर लाखों लोगों के दिलों में विशेष स्थान बनाया।अपने लंबे कला जीवन में उन्हें पद्म श्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण सहित अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से सम्मानित किया गया। वे छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक थीं और लोककला के क्षेत्र में उनका योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा।माता तीजन बाई के निधन पर विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक एवं साहित्यिक संगठनों के साथ-साथ देशभर की अनेक हस्तियों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उनके निधन को भारतीय लोककला के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।

माता तीजन बाई भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी कला, उनकी आवाज़ और उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करती रहेगी।

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