छत्तीसगढ़ और विशेष रूप से रायगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर के लिए एक गौरवपूर्ण खबर सामने आई है। पद्मश्री से सम्मानित रायगढ़ कत्थक घराने के वरिष्ठ नर्तक, लोककला साधक और राजा चक्रधर सिंह के प्रमुख शिष्य पंडित रामलाल बरेठ जी को एक और प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान मिलने जा रहा है।भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत संगीत नाटक अकादमी, नई दिल्ली द्वारा उन्हें सम्मानित किए जाने हेतु नामित किया गया है। यह सम्मान न केवल पंडित रामलाल बरेठ जी की दशकों लंबी कला साधना का सम्मान है, बल्कि रायगढ़ कत्थक घराने की समृद्ध परंपरा और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को भी राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने वाला क्षण है।
पंडित रामलाल बरेठ ने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा भारतीय शास्त्रीय नृत्य, लोककला और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए समर्पित किया है। उन्होंने गुरु-शिष्य परंपरा को आगे बढ़ाते हुए अनेक कलाकारों को प्रशिक्षित किया और देश-विदेश में रायगढ़ घराने की विशिष्ट शैली को पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के साथ ,रायगढ़ घराने के प्रसिद्ध नर्तक एवं गुरु डॉ. विनय पाठक तथा उनके पुत्र एवं कत्थक कलाकार भूपेंद्र बरेठ भी मौजूद रहेंगे।पंडित रामलाल बरेठ को यह राष्ट्रीय सम्मान मिलने की खबर से कला जगत, उनके शिष्यों और संस्कृति प्रेमियों में हर्ष का माहौल है। इसे छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान और गौरव के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर पंडित रामलाल बरेठ जी को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं।रायगढ़ कत्थक घराने की समृद्ध परंपरा को राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करने वाले पद्मश्री पंडित रामलाल बरेठ को एक और प्रतिष्ठित सम्मान मिलने जा रहा है। निश्चित रूप से यह सम्मान उनकी वर्षों की तपस्या, समर्पण और कला के प्रति अथक योगदान का परिणाम है।







