बिजली दरों में बढ़ोतरी और स्मार्ट मीटर के विरोध में कांग्रेस का बीजेपी सरकार पर
बिलासपुर में कांग्रेस ने बिजली की बढ़ती दरों और स्मार्ट मीटर व्यवस्था को लेकर भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा है। पत्रकार वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार लगातार पांचवीं बार बिजली की दरों में बढ़ोतरी कर जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रही है।कांग्रेस का कहना है कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट और गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट तक की वृद्धि की गई है। साथ ही किसानों को भी राहत नहीं दी गई और कृषि पंपों की बिजली दरों में बढ़ोतरी की गई है।
पूर्व विधायक धनेन्द्र साहू ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि वर्तमान भाजपा सरकार शुतुरमुर्ग की तरह व्यवहार कर रही है। जनता की समस्याओं, बढ़ते बिजली बिलों और स्मार्ट मीटरों को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं, लेकिन सरकार रेत में सिर छिपाने वाले शुतुरमुर्ग की तरह वास्तविक समस्याओं से आंखें मूंदे बैठी है। भाजपा सरकार बनने के बाद लगातार बिजली की कीमतें बढ़ाई जा रही हैं, जबकि कांग्रेस सरकार के दौरान बिजली दरों में सीमित वृद्धि की गई थी और 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना लागू थी। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि इस योजना को बंद करने के बाद जनता पर लगातार महंगे बिजली बिलों का बोझ बढ़ा है।
प्रेस वार्ता में स्मार्ट मीटरों को लेकर भी सवाल उठाए गए। कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं के बिजली बिल कई गुना बढ़ गए हैं और मीटर वास्तविक खपत से अधिक रीडिंग दिखा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं की शिकायतों के बावजूद सरकार इस मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है।कांग्रेस ने आरोप लगाया कि एक ही माह में ऑनलाइन और ऑफलाइन अलग-अलग बिल भेजे जा रहे हैं तथा अनुबंध भार बढ़ाकर उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त शुल्क लगाया जा रहा है। पार्टी ने बढ़ी हुई बिजली दरों को वापस लेने, उपभोक्ताओं को राहत देने और स्मार्ट मीटर व्यवस्था की समीक्षा करने की मांग की है।कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जनता बिजली कटौती और बढ़ते बिलों से परेशान है। उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार से जनहित में स्मार्ट मीटर वापस लेने तथा बिजली दरों में की गई वृद्धि को तत्काल निरस्त करने की मांग की।





