सिरगिट्टी दुष्कर्म मामला: निष्पक्ष जांच और दोषियों को फांसी की मांग , पीड़ित परिवार ने थाना प्रभारी पर लगाए गंभीर आरोप।
बिलासपुर जिले के सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में दो मासूम बच्चियों के साथ दुष्कर्म के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। पीड़ित परिवार ने केंद्रीय गृह मंत्री, डीजीपी, एसपी और बाल आयोग को शिकायत भेजकर पुलिस जांच पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। परिवार का आरोप है कि मामले में एफआईआर दर्ज करने में देरी हुई, महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाने में लापरवाही बरती गई और निष्पक्ष जांच के बजाय समझौते का दबाव बनाया गया।
पीड़ित बच्चियों की मां ने कहा कि घटना की जानकारी देने के बावजूद थाना स्तर पर तत्काल एफआईआर दर्ज नहीं की गई। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कई महत्वपूर्ण तथ्यों और संभावित साक्ष्यों की जानकारी पुलिस को दी गई, लेकिन उन्हें समय पर जब्त और सुरक्षित रखने की दिशा में प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।बच्चियों ने आरोपी द्वारा किए गए कृत्य और उससे जुड़े कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों की जानकारी दी थी। इसके बावजूद जांच में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई गई। परिवार का आरोप है कि बार-बार पूछताछ कर बच्चियों को मानसिक रूप से परेशान किया गया और मामले को कमजोर करने की कोशिश की गई।पीड़ित पक्ष ने थाना प्रभारी, जांच अधिकारी की भूमिका की विभागीय जांच की मांग की है। साथ ही जांच पूरी होने तक संबंधित अधिकारियों को मामले से अलग करने, सभी साक्ष्यों की वैज्ञानिक जांच कराने और पीड़ित परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग भी की गई है।शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपी पक्ष की ओर से परिवार पर दबाव बनाया जा रहा है, जिससे बच्चियों और उनके परिजनों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। परिवार ने निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच सुनिश्चित कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।





