कोयला खदान मजदूर संघ की पांचवीं वार्षिक आम सभा एवं अधिवेशन सिंगरौली के एनएसएल जयन्त में हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्व अध्यक्ष अखिल भारतीय खदान मजदूर संघ जगत नारायण सिंह ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। मुख्य अतिथि के रूप में क्षेत्रीय आयुक्त कोयला खदान भविष्य निधि संगठन नवीन निशचल, सिंगरौली एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
केंद्रीय अध्यक्ष महेन्द्र प्रताप सिंह के निर्देशन एवं ए के सिंह के संचालन में चली इस सभा में अतिथियों का स्वागत एन सी एल महामंत्री पीके पाण्डेय ने किया। अधिवेशन में मजदूर हितों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित हुए:सी पी आर एम एस एन ई को चिकित्सा व्यय की वार्षिक सीमा ₹50 हजार से बढ़ाकर ₹75 हजार करने और कोभरेज ₹30 लाख करनें,पेंशन गणना में एस डी ए को वेतन में शामिल करने और हर 3-5 वर्ष में पेंशन रिवाइज करनें प्रस्ताव,ग्रेच्युटी भुगतान 1 जनवरी 2017 से ₹20 लाख और 5 जनवरी 2026 से कर्मचारियों को ₹25 लाख करने,सी एम पी एफ ओ ट्रस्टी बोर्ड तथा सी पी आर एम एस एन ई में सेवानिवृत्त कर्मचारियों की सहभागिता सुनिश्चित करने का प्रस्ताव पारित किया गया।अपने सम्बोधन में महेन्द्र प्रताप सिंह ने सी आई एल कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में विभेद को तत्काल रोककर सुधार करने कि मांग की।त्रिवार्षीक राष्ट्रीय कार्यसमिति का 2026-2028 के लिए पुनर्गठन भी किया गया: अध्यक्ष महेन्द्र प्रताप सिंह, महामंत्री शम्भू विश्वकर्मा,अमरेश सिंह,प्रकाश राय,अमरेन्द्र चौधरीउपाध्यक्ष राम अवतार आलमकर, संयुक्त महामंत्री अशोक कुमार सिंह; कोषाध्यक्ष एसके रामगोपाल; प्रचार प्रसार मंत्री प्रदीप वाजपेयी; संगठन मंत्री अनिल बंडियार, मंत्री अरुण सिंह,एस पी कुंडू,किशोर हारदाह को बनाया गया। कार्यसमिति में विलासपुर के अशोक शर्मा तथा भक्तिमय चौधरी निर्वाचित घोषित किये गये।कार्यक्रम के अंत में दिवंगत आत्माओं को दो मिनट मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। नवनिर्वाचित अध्यक्ष के धन्यवाद के साथ सभा समाप्त हुई।








