गोमाता को राष्ट्रमाता और गोहत्या पर केंद्रीय कानून की मांग, कलेक्टर के माध्यम से पीएम के नाम सौंपा ज्ञापन लाखों हस्ताक्षरों के साथ उठी गौ सम्मान की आवाज, अब सरकार के जवाब का इंतजार।
बिलासपुर में गो सम्मान आह्वान अभियान के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम जिला कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया। अभियान की मुख्य मांग है कि गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिया जाए और गोहत्या पर पूरे देश में एक समान केंद्रीय कानून बनाया जाए और गोपालन मंत्रालय का गठन किया जाए।लाखों हस्ताक्षरों के साथ उठी गौ सम्मान की आवाज, अब सरकार के जवाब का इंतजार।अभियान से जुड़े पदाधिकारियों ने देशभर से एकत्रित लाखों नागरिकों के हस्ताक्षरों के साथ ज्ञापन सौंपते हुए गौमाता को राष्ट्रमाता और गौ संरक्षण के लिए प्रभावी कानून बनाने की मांग की। गौ सेवक विपुल शर्मा ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपरा में गौमाता का विशेष महत्व है। इसलिए पूरे देश में गौवंश की सुरक्षा, सेवा और संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार सख्त कानून बनाए तथा गौ पालन और संरक्षण के लिए एक अलग मंत्रालय के गठन पर भी विचार करे। ज्ञापन के साथ अभियान से संबंधित विस्तृत दस्तावेज और हस्ताक्षर सूची भी प्रशासन को सौंपी गई। इसके साथ ही गौ सेवक गोपाल कृष्ण रामानुज ने बताया कि 27 अप्रैल 2026 से देशभर में हस्ताक्षर अभियान चलाया गया जिसमें लाखों लोगों ने समर्थन दिया। उनका
कहना है कि अब इस जनसमर्थन को प्रधानमंत्री तक पहुंचाने के लिए सभी जिलों के माध्यम से ज्ञापन भेजे जा रहे हैं ताकि गौ संरक्षण को लेकर ठोस नीति बनाई जा सके। गौ सेवक का कहना है कि यदि उनकी मांग पूरी नही की गई तो वे पहले रायपुर जा कर हस्ताक्षर अभियान चलायेगे और अगर उसके बाद भी उनकी मांग पूरी नही हुई तो दिल्ली के राम लीला मैदान मे इकट्ठा होकर हस्ताक्षर अभियान चलाया जायेगा। अभियान से जुड़े लोगों ने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी और गोमाता को राष्ट्रमाता और सम्मान से जुड़े विषय पर सकारात्मक निर्णय लेगी।





