बक्सर राजपूत क्षत्रिय समाज में विवाद गहराया, नियमों की अनदेखी और मनमानी के आरोप

बक्सर राजपूत क्षत्रिय समाज में विवाद गहराया, नियमों की अनदेखी और मनमानी के आरोप

बिलासपुर बक्सर राजपूत क्षत्रिय समाज पंजी क्रमांक 3738 में इन दिनों आंतरिक विवाद गहराता जा रहा है। समाज के कुछ सदस्यों एवं पदाधिकारियों द्वारा लिए गए निर्णयों को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं। आरोप है कि समाज की नियमावली को दरकिनार करते हुए मनमाने तरीके से निर्णय लिए जा रहे हैं, जिससे समाज के सदस्यों में असंतोष बढ़ रहा है।जानकारी के अनुसार, हाल ही में समाज के नाम पर एक बैठक आयोजित कर विभिन्न विषयों पर चर्चा करने का निर्णय लिया गया है। इसमें समाज से बहिष्कार, सदस्यता शुल्क में वृद्धि तथा नियमों में संशोधन जैसे मुद्दे शामिल हैं। आरोप है कि 18 वर्ष से अधिक आयु के प्रत्येक सदस्य से ₹50 शुल्क लिया जा रहा है, जबकि पूर्व में यह शुल्क ₹10 निर्धारित किया गया था।सदस्यों का कहना है कि बिना केंद्रीय समिति की अनुमति के शुल्क में वृद्धि करना नियमों के खिलाफ है। वहीं, महिलाओं से भी शुल्क लिए जाने को लेकर आपत्ति जताई गई है, क्योंकि नियमावली में इसका स्पष्ट उल्लेख नहीं है।इसके अलावा, सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त दस्तावेजों में आय-व्यय का स्पष्ट विवरण न होने का भी आरोप लगाया गया है। साथ ही, पंजीयक कार्यालय द्वारा भेजे गए पत्रों का समय पर जवाब नहीं देने की बात भी सामने आई है।समाज के वरिष्ठ सदस्यों द्वारा वर्ष 2022 में 16 बिंदुओं पर आरोप पत्र भी प्रस्तुत किया गया था, जिस पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से नाराजगी बनी हुई है।

इस पूरे मामले में संबंधित पदाधिकारियों से पारदर्शिता बनाए रखने, नियमों का पालन करने और समाज में एकता बनाए रखने की अपील की गई है।

Related Posts

बिलासपुर शांत है, कमजोर नहीं. बिलासपुर को चाहिए तेज विकास, एयरपोर्ट विस्तार को बताया पहली प्राथमिकता: हमर पहुना में बोले प्रवीण झा

बिलासपुर शांत है, कमजोर नहीं. बिलासपुर को चाहिए तेज विकास, एयरपोर्ट विस्तार को बताया पहली प्राथमिकता: हमर पहुना में बोले प्रवीण झा बिलासपुर। बिलासपुर प्रेस क्लब के प कार्यक्रम “हमर…

पिता की सीख से राजनीति की पाठशाला तक पहुंचे अमर अग्रवाल, बोले- जो नहीं आता, उसे सीखना मेरा जुनून

हमर पहुना’ में बिलासपुर विधायक,पूर्व मंत्री ने सुनाया बचपन से अब तक का राजनीतिक सफर, पिता को बताया अपना सबसे बड़ा मार्गदर्शक; संजीवनी 108, महतारी एक्सप्रेस 102 से अरपा तक…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *