10 लाख की ठगी का आरोप: भू-माफिया प्रफुल्ल झा फिर पुलिस के शिकंजे में, फर्जी मुख्तियारनामा से जमीन बेचने का मामला

10 लाख की ठगी का आरोप: भू-माफिया प्रफुल्ल झा फिर पुलिस के शिकंजे में, फर्जी मुख्तियारनामा से जमीन बेचने का मामला

बिलासपुर। न्यायधानी बिलासपुर में जमीन के नाम पर कथित धोखाधड़ी का एक और मामला सामने आया है। दूसरे की जमीन को अपनी बताकर सौदा करने और फर्जी मुख्तियारनामा के जरिए 10 लाख रुपये की अग्रिम राशि लेने के आरोप में प्रफुल्ल झा एक बार फिर पुलिस के शिकंजे में आ गया है। सिविल लाइन पुलिस ने पीड़ित विशालचंद्र केसरी की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। गौरतलब है कि करीब चार महीने पहले भी आरोपी के खिलाफ इसी थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ था।

जमीन का सौदा कर लिए 10 लाख रुपये

शिकायत के अनुसार, दयालबंद निवासी विशालचंद्र केसरी ने पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर बताया कि आरोपी प्रफुल्ल झा ने मौजा अमेरी, तहसील सकरी स्थित जमीन के आठ खसरों का सौदा 10 दिसंबर 2025 को 70 लाख रुपये प्रति एकड़ की दर से किया था। आरोपी ने जमीन को अपने अधिकार में बताते हुए बेचने का अनुबंध किया। उसके झांसे में आकर प्रार्थी ने यूनियन बैंक के चेक और RTGS के माध्यम से 10 लाख रुपये अग्रिम राशि के रूप में दे दिए।

आदिवासी महिला की जमीन को लेकर भी उठे सवाल

बाद में जमीन के दस्तावेजों की जांच कराने पर कथित गड़बड़ी सामने आई। शिकायत के मुताबिक, संबंधित राजस्व रिकॉर्ड में चंद्रकली बाई, जो गोंड़ जनजाति से थीं, के नाम जमीन दर्ज थी। उनकी मृत्यु हो चुकी है। आरोप है कि जमीन की वास्तविक स्थिति और उससे जुड़ी कानूनी अड़चनों को छिपाकर सौदा किया गया। आदिवासी भूमि के हस्तांतरण से जुड़े नियमों और आवश्यक अनुमति के पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

नागपुर के मुख्तियारनामा पर भी संदेह

मामले में यह भी आरोप लगाया गया है कि प्रफुल्ल झा ने मसानगंज और तोरवा क्षेत्र की जमीनों के सौदे के लिए नागपुर में 29 जनवरी 2021 को पंजीकृत आम मुख्तियारनामा का हवाला दिया था। इसके जरिए उसने खुद को कृष्णा दुआ और कृष्णा गोविंद महेंद्र का अधिकृत प्रतिनिधि बताया। हालांकि, पुलिस जांच में उक्त मुख्तियारनामा कथित तौर पर कूटरचित पाया गया और जमीन बेचने के अधिकार को लेकर भी सवाल सामने आए हैं।

चार महीने पहले भी दर्ज हुआ था मामला

प्रफुल्ल झा के खिलाफ इससे पहले 10 मई 2026 को सिविल लाइन थाने में अपराध क्रमांक 631 के तहत धोखाधड़ी का मामला दर्ज होने की जानकारी सामने आई थी। शिकायतकर्ता विशालचंद्र केसरी को जब इस पुराने मामले का पता चला, तो उन्हें भी अपने साथ धोखाधड़ी होने का संदेह हुआ। आरोप है कि आरोपी लगातार रजिस्ट्री टालता रहा और बाद में संपर्क से बचने लगा, जिसके बाद पीड़ित ने पुलिस अधिकारियों से शिकायत की।

BNS की इन धाराओं में अपराध दर्ज

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर सिविल लाइन पुलिस ने आरोपी प्रफुल्ल झा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 336, 338 और 340 के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस मामले से जुड़े दस्तावेजों, जमीन के सौदों और अन्य संभावित शिकायतों की जांच कर रही है।अब देखना होगा कि जांच में जमीन के कथित फर्जी सौदों से जुड़े और कौन-कौन से तथ्य सामने आते हैं। फिलहाल, मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

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